Tuesday, October 10, 2017

Diwali 2017- जाने पूजा का शुभ-मुहर्त, और इस बार दिवाली पर बन रहे है कई संयोग एक साथ


इस बार दिवाली का त्यौहार 19 अक्टूबर 2017 को मनाया जायेगा। कार्तिक मास की अमावस्या को ये त्यौहार मनाया जाता है और इस दिन माँ लक्ष्मी और भगवान् गणपति गणेश की पूजा की जाती है , इस बार 27 साल बाद दीपावली पर गुरु चित्रा का संयोग बन रहा है। इससे पहले ऐसा योग 1990 में बना था।  और ज्योतिष गणना के अनुसार ऐसा संयोग 4 साल बाद 2021 में बनेगा।

दीवाली का शुभ मुहूर्त -
लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त - 7 :11 से 8 :16
प्रदोष काल - 5 :43 से 8:16
वृषभ काल - 7:11 से 9:06
अमावस्या तिथि आरम्भ - 00 :13 (19 अक्टूबर)
अमावस्या तिथी समाप्त - 00 :41 (20  अक्टूबर)







इस बार दिवाली के दिन कई संयोग एक साथ बन रहे है जैसे की दीपावली इस बार गुरुवार को आ रही है जिसके कारण गुरु योग बन रहा है, इसके साथ अमावस्या तिथि, चित्रा नक्षत्र भी है। एक अभीजीत मुहूर्त, 7 चौघड़िए और दो लग्न भी बन रहे है।
ब्रह्मपुराण में दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में बताया गया है।  माँ लक्ष्मी की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन को बहुत ही शुभ माना गया है। घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और माँ लक्ष्मी स्थिर रहे ,इसके लिए दिन भर माँ लक्ष्मी का उपवास रखे और इसके उपरांत सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न में माँ लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इस मुहूर्त में माँ लक्ष्मी की पूजा और सामानो की ख़रीददारी शुभ मानी जाती है।

लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल का महत्व -
धर्म शास्त्रों में दीपावली में लक्ष्मी गणेश पूजन में प्रदोष काल का विशेष महत्व होता है। दिन रात के संयोग को ही प्रदोष काल कहते है। क्योकि दिन का समय भगवान विष्णु का स्वरूप है और रात माता लक्ष्मी का स्वरूप। इन दोनों के संयोग कल को ही प्रदोष काल कहते है। इसमें दीपावली पूजन (लक्ष्मी पूजन ) करना शुभ होता है। इस बार शाम 05:43 से रात 8:16 तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान सभी जन धन ,सुख- समृद्धि की इच्छा लेकर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन कर सकेंगे।

Diwali 2017 - लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी ना करे इन 5 चीजों का इस्तेमाल, अशुभ फल मिलता है

कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है ,इस बार दिवाली 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। घर में सुख-शांति और धन, वैभव, सम्पदा की प्राप्ति के लिए इस दिन माँ लक्ष्मी और भगवन गणपति की पूजा की जाती है।  शास्त्रों में देवी लक्ष्मी की पूजा करते समय कुछ नियम बताये गए है अगर इनकी अनदेखी की जाती है और पूजा में इनका प्रयोग किया जाता है तो धन की देवी माँ लक्ष्मी नाराज हो जाती है। इसलिए माँ लक्ष्मी की पूजा करते समय इन बातो का ध्यान जरूर रखे।




इन चीजों का ध्यान लक्ष्मी पूजन में रखना चाहिये।

1 तुलसी - भगवान् विष्णु को तुलसी प्रिय होती है परन्तु देवी लक्ष्मी को तुलसी से बेर है क्यों की तुलसी भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप शालिग्राम की पत्नी है। इस नाते तुलसी देवी लक्ष्मी की सौतन है , इसलिए लक्ष्मी पूजन में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए।

2 सफेद फूल - सफेद फूल माँ लक्ष्मी को नहीं चढ़ाना चाहिए ,क्योकि माँ लक्ष्मी चीर सुहागिन है इसलिए इन्हे लाल फूल ही चढ़ाना चाहिए जैसे - लाल गुलाब और लाल कमल।

3 दीपक का स्थान - लक्ष्मी पूजन करते समय धयान रखे की दीपक की बाती का रंग लाल हो और दीपक को दायी और रखे। दीपक को बायीं और नहीं रखना चाहिए। इसका कारण यह है की भगवान विष्णु अग्नि और प्रकाश का स्वरूप है ,भगवान् विष्णु का स्वरूप होने के कारण दीपक को दायी और रखना चाहिए।






4 सफल पूजा - देवी लक्ष्मी की पूजा तब तक  सफल नहीं मानी जब तक भगवान् विष्णु की पूजा नहीं होती है। इसलिए  दीपावली की शाम को पहले गणपति पूजा करे और बाद में माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा करे।


5 प्रसाद का स्थान - लक्ष्मी पूजन के समय प्रसाद दक्षिण दिशा में रखे और फूल बेलपत्र हमेशा सामने रखे।



इन बातो का ध्यान रखने से आपकी पूजा सफल होगी और माँ के आशीर्वाद से घर में खुशहाली छा जाएगी। 

Thursday, October 5, 2017

करवा चौथ व्रत - करवा चौथ व्रत में सेहत को ना करे नजरअंदाज ...

 करवाचौथ का व्रत निर्जला होता है यानि पुरे दिन ना कुछ खाना न पीना।तो कई महिलाये इसके बाद बीमार हो जाती है।  ऐसे में व्रत को पूरी आस्था से करने के बगड़ आपकी ऊर्जा में कमी ना हो और आप बीमार ना पड़े इसके लिए कुछ बातो का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

जब आप करवा चौथ का व्रत करती है तो उससे एक दिन पहले और व्रत खोलने के एक दिन बाद आपको सही आहार लेना होता है। इससे आपके शरीर में किसी चीज की कमी नहीं होती और आप आराम से अपना व्रत पूरा कर पाती है।

तो आइये जानते है करवाचौथ व्रत के पहले और बाद में क्या खाना - पीना चाहिए -

व्रत से पहले क्या ना खाये -

1   करवाचौथ से पहले दिन ,ज्यादा हैवी डिनर बिलकुल ना करे जिसे पचने में दिक्क्त हो।

2   डिहाइड्रेटिंग फ़ूड जैसे की नमकीन स्नेक्स आदि भी कम खाये ,इसके आलावा नमक और काफी भी कम ही ले।

3   कुछ भी मीठा ना खाये ,व्रत वाले दिन भी और उससे से एक दिन पहले भी।  क्यों की मीठा खाने से आपको ज्यादा प्यास लगेगी ,और ब्लड शुगर लेवल कम हो जायेगा और बाद में और ज्यादा मीठा खाने की इच्छा होगी।
4   व्रत से पहले दिन डिनर में बिन्स सुप आदि ले। और ज्यादा न खाये।और करवा चौथ से एक दिन पहले छोटे छोटे मिल्स ले।

व्रत के बाद क्या खाये -

व्रत खोलने के बाद तुरंत हैवी खाना ना खाये इससे आपकी तबियत बिगड़ सकती है ,पानी पीकर व्रत खोलने के बाद सही ढंग से खाना खाये। अगर आप व्रत के बाद सही तरिके से खायेगी-पीयेगी तो आपको बिलकुल कमजोरी नहीं आएगी।

पहले कुछ हल्का खाये -

1   पुरे दिन व्रत रखने के बाद आपका डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर हो जाता है ,ऐसे में आपको हेवी डिनर नहीं करना चाहिए, इसकी बजाय आपको हल्का खाना खाना चाहिए जिसे आपका डाइजेस्टिव सिस्टम आसानी से पचा सके और आपके शरीर को जरूरी ऊर्जा मिल सके।

2   व्रत खोलने के बाद ग्रीन टी (green tea ) पि सकती है ,उसके बाद गर्म सुप ले और फिर डिनर करे।

3   करवाचौथ के अगले दिन भी खूब पानी पिए और जूस ले।

4   डीनर में अच्छी तरह से पकी सब्जिया ले।

5   व्रत खोलने के बाद आप फल जैसे - तरबूज, सेब, अंगूर आदि खा सकती है इनसे आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स और ऊर्जा मिलेगी। यद् रखे की खट्टे फल जैसे मौसमी, संतरा न खाये इनसे एसिडिटी हो सकती है।
आप डिनर में  नमकीन दही भी खा सकती है।

6   और अगर आप गर्भवती है तो सरगी में एक बड़ा दूध का गिलास ले और फल खाये ,अपने होने वाले बच्चे के लिए इस करवाचौथ व्रत में थोड़ी सी ढील दे और और जब भी परेशानी हो थोड़े फल खा ले